कोयलसा विकासखंड की ग्राम पंचायत देवरिया में बृहस्पतिवार को विकास कार्यों की जांच के लिए गठित टीम पहुंची। टीम ने गांव में कराए गए विभिन्न निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर गुणवत्ता और मानकों की जांच की। शिकायतकर्ता दिनेश पाठक ने बताया कि करीब एक माह पूर्व उन्होंने लखनऊ में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिलकर ग्राम पंचायत में पिछले पांच वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की जांच की मांग की थी। उनका आरोप है कि इससे पहले आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत का संतोषजनक निस्तारण नहीं हुआ था और गलत आख्या लगा दी गई थी। इसके बाद उपमुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी को जांच टीम गठित करने के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी रोहित यादव, जूनियर इंजीनियर तैयब अंसारी और ग्राम सचिव हरेंद्र यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने प्राथमिक विद्यालय देवरिया परिसर से सड़क मार्ग तक बिछाई गई इंटरलॉकिंग की नाप और गुणवत्ता की जांच की। इसके अलावा उच्च प्राथमिक विद्यालय में कराई गई खड़ंजा मरम्मत सहित अन्य विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया गया। जांच में कुल 23 बिंदुओं को शामिल किया गया, जिनमें नाली, खड़ंजा, इंटरलॉकिंग, अमृत सरोवर समेत विभिन्न विकास कार्यों की जांच की गई। ग्राम प्रधान अंजना सिंह के पति दुर्गेश सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायत में सभी विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराए गए हैं और उन्हें किसी भी जांच से कोई आपत्ति नहीं है। क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी एवं जांच टीम के सदस्य रोहित यादव ने बताया कि शिकायत के सभी 23 बिंदुओं की गंभीरता से जांच की गई है। जांच रिपोर्ट खंड विकास अधिकारी कोयलसा को सौंपी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।