पितृपक्ष में आजमगढ़ में अलग तस्वीर देखने को मिली। रक्षा दल ने सोमवार को उन लोगों के लिए पिंडदान और सामूहिक भोज का आयोजन किया गया जिसे वह जानते भी नहीं। बताते चलें कि अक्सर मार्ग दुर्घटना में लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से बहुत से ऐसे लोग भी होते हैं जिनकी शिनाख्त नहीं हो पाती है। ऐसे लोगों के शवों को पुलिस द्वारा तमसा में विसर्जित कर दिया जाता है। शवों की इस तरह से बेकद्री होती देख भारत रक्षा दल ने ऐसे लावारिश शवों के अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाया। संगठन आपसी सहयोग से अब तक 614 लोगों का अंतिम संस्कार कर चुका है। पितृपक्ष में ऐसे लोगों की आत्माओं को शांति पह़ुंचाने के लिए भारत रक्षा के कार्यकर्ताओं ने एक परिवार के सदस्य की तरह ही इनका पिंडदान किया और नगर के कलेक्ट्रेट क्षेत्र स्थित डा. अंबेडकर पार्क में सामूहिक भोज का आयोजन किया। जिसमें सैकड़ों की संख्या में शामिल होकर लोगों ने भोजन ग्रहण किया। हर आने वाले लोगों ने सबसे पहले अनाथ, अनजान लोगों के नाम से पुष्पांजलि अर्पित की।