आजमगढ़ नगर के हनुमानगढ़ी से कोलघाट को जोड़ने वाले नाले पर अतिक्रमण के चलते 5000 की आबादी लगभग पांच सालों से जलालत झेल रही है। बरसात होते ही इस मार्ग पर घुटने के बराबर पानी जमा हो जाता है। इसके बीच से लोग आवागमन करने को विवश होते हैं। कई बार लोगों ने बंद नाले को खुलवाने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। नगर से सटे कोलघाट गांव को मुख्य शहर से जोड़ने के लिए हनुमानगढ़ी के पास रास्ता बनाया गया है। वर्तमान में यह रास्ता लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है। इसका मुख्य कारण इसके बीच से होकर गुजरने वाला नाला है। यह नाला कुंदीगढ़ से निकलकर हनुमानगढ़ी, गुरुघाट होते हुए कोल बाज बहादुर के रास्ते रोडवेज बाइपास बंधा होते हुए नदी में जाकर मिल जाता है। वर्तमान में यह 15 से 20 जगहों पर जाम पड़ा है। कई जगहों पर लोगों ने इसके ऊपर ढ़लाई कर आवागमन का रास्ता बना लिया है। एक जगह तो लोगों ने ह्यूम पाइप लगाकर आवागमन की व्यवस्था की हुई है। पानी का निकास बाधित होने के कारण अगल बगल में प्लाटों में नाले का गंदा पानी पसरा रहता है। इसमें पूरे दिन सूअर पड़े रहते हैं। इसके कारण लोगों को हमेशा संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर सताता रहता है। गुरुघाट और हनुमानगढ़ी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब हैं। बरसात के मौसम में हल्की बारिश होने पर ही रास्तों पर पानी चढ़ जाता है। इसके कारण लोग घुटने भर पानी के बीच से होकर आवागमन करने को विवश होते हैं। इससे लगभग 5000 की आबादी प्रभावित है। कई बार लोगों ने प्रशासन से बंद नाले को खुलवाने की गुहार लगाई लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम प्रशासन की ओर से नहीं उठाया गया है।