आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र में हुई पूर्व ग्राम प्रधान की हत्या मामले का शनिवार को पुलिस ने खुलासा किया। यह हत्या पैसे के लेन देन में हुए विवाद के बाद सुपारी देकर कराई गई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को हत्या में प्रयुक्त औंजारों के साथ गिरफ्तार किया है। बताते चलें कि 26 अगस्त कप्तानगंज के पूर्व प्रधान त्रिवेणी शुक्ला कर हत्या कर फेंका हुआ शव मिला था। 25 अगस्त से ही वह लापता थे। चंद्रजीत शुक्ला द्वारा इस मामले में थाने में तहरीर दी गई थी। विवेचना के दौरान पुलिस के सामने महेश सोनकर निवासी कप्तानगंज, आदित्य यादव निवासी ग्राम हसनपुर थाना कप्तानगंज व सौरभ गुप्ता पुत्र चन्द्र प्रकाश गुप्ता निवासी कप्तानगंज बाजार थाना कप्तानगंज का नाम प्रकाश में आया। शनिवार को उपनिरीक्षक चंद्रदीप कुमार ने कादीपुर हरिकेश से तीनों को गिरफ्तार कर लिया। एसपी हेमराज मीना ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया है कि जमीन के खरीद-फरोख्त में पैसों के विवाद को लेकर चंद्रेश यादव ने त्रिवेणी शुक्ला को मरवाने के लिए महेश सोनकर, आदित्य यादव व सौरभ गुप्ता को 5 लाख रुपये की सुपारी दी थी। सुपारी लेने के बाद तीनों ने कप्तानगंज बाजार से त्रिवेणी शुक्ला को ऑटो में बैठा लिए तथा स्टेट बैंक कस्बा कप्तानंगज के पास ऑटो से उतार कर आदित्य यादव की मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम रौसड़ में कुश की झाड़ियों के पास ले गए। जहां पर त्रिवेणी शुक्ला को सल्फास, सिन्दुर व रंग का घोल पिलाने का प्रयास किए, उसके बाद गमछे से गला घोंट दिए। गर्दन व सीने पर पैर से मार कर हत्या कर दिए। त्रिवेणी शुक्ला की मृत्यु के बाद उसके शव को कुश की झाड़ियों में छोड़कर भाग गए। अभियुक्तों की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त गमछा व 01 शीशी गोपलापुर पुलिया से बरामद की गई है। सभी अभियुक्तों को न्यायालय भेजा जा रहा है।