मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़े जाने के पुराने प्रकरण संबंधी बयान का अयोध्या के संतों ने समर्थन किया है। सोहावल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान तपस्वी छावनी के जगतगुरु परमहंसाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उचित बात कही है। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि जैसे पवित्र स्थलों पर नमाज पढ़ाए जाने की घटना हुई, लेकिन किसी मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़े जाने का उदाहरण नहीं है। उन्होंने सपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान सरकार के नेतृत्व में प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है। वहीं, डांडिया मंदिर के महंत गिरीश दास ने कहा कि नमाज का स्थान मस्जिद और पूजा का स्थान मंदिर है। सभी धर्मों के पूजा स्थलों का सम्मान होना चाहिए और किसी दूसरे धर्मस्थल में हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने-अपने धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना और इबादत करें, यही सामाजिक सौहार्द का सही मार्ग है।