राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीनों आरोपियों से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने चोरी की रकम को छिपाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया जिससे किसी को आसानी से शक न हो। पूछताछ में अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय ने बताया कि चोरी की रकम पहले अपने करीबियों और रिश्तेदारों के खातों में भेजी जाती थी। इसके बाद वही पैसा अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए उनके खातों में वापस मंगाया जाता था ताकि रकम का असली स्रोत छिपा रहे। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों की जांच में इस पैटर्न के संकेत मिले हैं। रिमांड के दौरान पुलिस तीनों आरोपियों को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित उस बाग में भी लेकर गई, जहां कथित तौर पर चोरी की रकम का बंटवारा किया जाता था। पुलिस ने मौके पर ले जाकर आरोपियों के बयानों का सत्यापन कराया और पहले गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला के बयान से भी मिलान किया।