राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के दौरान एक और खुलासा हुआ है। चढ़ावा चोरी के सभी आरोपी विशिष्ट दर्शन के नाम पर भी बड़े पैमाने पर खेल करते थे। उनके आसपास के कई होटलों में अच्छे-खासे संपर्क थे। होटल संचालक या उससे जुड़े कर्मचारी बाहर से आने वाले वीआईपी श्रद्धालुओं को विशिष्ट दर्शन के नाम पर राजी करते थे। बाद में उनसे मोटी रकम वसूली जाती थी। यह रुपए आरोपी और होटल संचालक के कर्मचारी आपस में बांट लेते थे। इससे होटल संचालकों का भी काफी फायदा होता था। पता चला है कि कई बार तो वह टिन्नू यादव से वॉकी-टॉकी के जरिए सीधे श्रद्धालुओं को अंदर पास करवा देते थे। कई बार अपने रसूख के दम पर वह विशिष्ट दर्शन पास भी बनवा लेते थे।