कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह के एनकाउंटर के बाद तारुन थाना क्षेत्र के घूरीटीकर ग्राम पंचायत में रह रही उसकी पत्नी और बच्चे किराये के मकान से चले गए हैं। भानु प्रताप सिंह अपनी पत्नी कुसुम लता सिंह और दस माह के बेटे रुद्र प्रताप सिंह के साथ यहां रह रहे थे। पड़ोसियों ने बताया कि भानु प्रताप सिंह पिछले दस महीने से यहां किराये के मकान में डॉक्टरी का काम करते थे। उनके व्यवहार को देखकर किसी को यह आभास नहीं हुआ कि वह एक कुख्यात इनामी अपराधी हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि भानु प्रताप सिंह की पत्नी अपने बच्चे को लेकर रोती हुई आसपास के लोगों से अपना दर्द बता रही थी। पुलिस ने जानकारी दी है कि महिला अपने बच्चे को लेकर अपने मायके आजमगढ़ चली गई है। कमरा खाली कराने की भी बात चल रही है। कुसुम लता सिंह के अनुसार, सात और आठ जून की रात लगभग 10:30 बजे तक भानु प्रताप सिंह घर पर उनके साथ थे। इसके बाद वे क्लीनिक के सामने बाहर सो गए। सुबह उठने पर उन्हें पति और उनकी बाइक नहीं मिली। बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें पति के एनकाउंटर की जानकारी मिली।