रामनगरी अयोध्या के निषाद राज चौराहे से धर्म सेना के प्रमुख और बाबरी विध्वंस के आरोपी रहे संतोष दुबे के नेतृत्व में कारसेवकों के सम्मान में रामकोट की परिक्रमा की गई। परिक्रमा मंत्रोच्चार और जय श्रीराम के जयकारों के साथ शुरू हुई। इसमें बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु शामिल हुए। संतोष दुबे ने कहा कि इस परिक्रमा का उद्देश्य अयोध्या और रामभक्तों की भावनाओं को सम्मान दिलाना है। उन्होंने मांग की कि कारसेवकों को सम्मान मिले, उनके परिवारों को उचित सहायता प्रदान की जाए और जिन कारसेवकों ने राम मंदिर आंदोलन में अपनी जान गंवाई है, उनकी मूर्तियां अयोध्या के चौराहों पर लगनी चाहिए। परिक्रमा मार्ग पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवक और सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ परिक्रमा पूरी की।