रामनगरी अयोध्या शनिवार को ऐतिहासिक वैदिक क्षण की साक्षी बनी, जब प्रख्यात वैदिक विद्वान वेद मूर्ति देवव्रत महेश रेखे अयोध्या पहुंचे। उनके आगमन पर साधु-संतों, महंतों और विद्वतजनों ने भव्य स्वागत और सम्मान किया। अयोध्या के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी की ओर से तुलसी उद्यान पार्क में उनके सम्मान में विशेष समारोह आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महंत और विद्वान मौजूद रहे। समारोह के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वेद मूर्ति का माल्यार्पण कर पुरातन वैदिक परंपरा के संवर्धन में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए अभिनंदन किया गया। वेद मूर्ति देवव्रत महेश रेखे ने शुक्ल यजुर्वेद की माध्यन्दिनी शाखा के लगभग 2000 मंत्रों का दंडक्रम पारायण मात्र पचास दिनों में सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह पारायण उन्होंने दो अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच बिना किसी रुकावट के संपन्न किया। वैदिक विद्वानों के अनुसार दंडक्रम पारायण की यह विधि लगभग 200 वर्षों बाद इतनी शुद्ध, पारंपरिक और वैदिक रीति से सम्पन्न हुई है, जो वैदिक परंपरा के पुनरुत्थान की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अयोध्या में हुए इस सम्मान समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि वैदिक संस्कृति की धारा आज भी जीवंत है और उसके संवाहक नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।