रामनगरी में भी हर्षोल्लास के साथ होलिका दहन संपन्न हुआ। रात 11:40 के बाद जब भद्रा समाप्त हुआ तो वैदिक मंत्रों के बीच जिले के 2195 जगहों पर पुरोहित ने होलिका दहन संपन्न कराया। होलिका दहन के बाद लोगों ने ढोल और नगाड़ों की धुन पर जमकर ठुमके लगाए। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक कड़ी सुरक्षा के बीच होलिका दहन संपन्न कराया गया। इससे पहले मुस्लिम समुदाय के लोग तरावीह की नवाज अदा कर अपने घरों में ही रहे। शहर काजी ने ऐलान किया था कि होलिका दहन के पहले सभी लोग तरावीह की नमाज पढ़कर अपने घर में रहेंगे। होलिका दहन के बाद लोगों ने कहा कि किसी के बीच दुर्भाव नहीं होना चाहिए। सभी लोग गले मिलकर होली मनाएं। इस दिन दुश्मन भी गले मिल जाते हैं। रामनगरी में भद्रा का साया खत्म होने के साथ ही होलिका दहन की शुरुआत हो गई। 2195 स्थानों पर जिले भर में होलिका दहन हुआ। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जा रही थी। सुरक्षा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ड्रोन हर जगह अपनी नजर रखे हुआ था। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक शांतिपूर्वक होलिका दहन हुआ। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। वैदिक आचार्य ने मंत्रों के बीच होलिका दहन कराया। बड़ी संख्या में लोगों ने होलिका दहन स्थल पर पहुंचकर सनातन धर्म के नियमों के मुताबिक होलिका दहन में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त किया।