भारत और कोरिया के रिश्तों का मजबूत स्तंभ रामनगरी अयोध्या का 'रानी हो पार्क' एक बार फिर गुलजार हो गया। कोरिया की महारानी की याद में बनाया गया रानी हो पार्क अयोध्या से कोरिया के गहरे रिश्तों को दर्शाता है। बृहस्पतिवार को कोरियाई मेहमानों का सात सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल अयोध्या पहुंचा। इस दौरान मेहमानों ने पार्क का निरीक्षण किया। कोरिया दूतावास के डिप्टी एम्बेसडर वनहो शिन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह मेरा पहला अयोध्या दौरा है। यह पार्क भारत और कोरिया के महत्वपूर्ण संबंध का एक सिंबल है। अयोध्या की राजकुमारी क्वीन हो बहुत पहले कोरिया आई थीं और हमारे राजकुमार से उन्होंने विवाह किया था। भारत और कोरिया के गहरे संबंध शुरू करने की प्रमुख वजह यही थी। डिप्टी एंबेसडर ने कहा कि मुझे बहुत खुशी हुई है कि रानी हो पार्क बहुत बड़ा और अच्छे से बनाया गया है। यहां पर बहुत अच्छी व्यवस्थाएं हैं। यह पार्क भारत और कोरिया के संबंध को रेखांकित कर रहा है। एक तरफ भारत का सिंबल है तो दूसरी तरफ पार्क में कोरिया का सिंबल है। यह एक ब्रिज है जो कोरिया और भारत के संबंधों को मजबूत कर रहा है। इसी कड़ी में अयोध्या के राज परिवार की ओर से राम मंदिर ट्रस्ट के न्यासी विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र और प्रख्यात साहित्यकार यतींद्र मिश्र ने कोरियाई मेहमानों का स्वागत किया। दल के सदस्यों ने अयोध्या में दर्शन पूजन भी किया।