मैदानी और पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश से गंगा का जल स्तर फिर बढ़ने लगा। गंगा किनारे निचले इलाकों में खेत मालिकों और पलेज लगाने वालों की धड़कनें बढ़ गई हैं। सोमवार को तिगरी और अन्य गंगा किनारे के ग्रामीणों ने गंगा का जल स्तर बढ़ा देखा। इसके बाद उन्होंने बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत को फोन कर सुनिश्चित किया कि क्या गंगा का जल स्तर बढ़ रहा है। इस पर जेई ने जवाब दिया कि ऊपर से पानी छोड़े जाने की सूचना नहीं है। मैदानी इलाकों और पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण जल स्तर बढ़ने की बात स्वीकार की। उधर गंगा के बढ़ते जल स्तर ने गंगा किनारे निचले इलाकों में लगाई गईं पलेजों को अपनी चपेट में ले लिया है। खीरा, लौकी आदि के मर जाने की आशंका बढ़ गई है। दारानगर के मंगत सिंह, अलीनगर के त्रिलोक भड़ाना, तिगरी के मिंतर ठाकुर का कहना है कि गंगा में जल स्तर बढ़ रहा है। जिनके खेत निचले इलाकों में हैं, उनकी भी धड़कनें बढ़ते पानी के कारण बढ़ रही हैं।