श्रीमद भागवत कथा में कथाव्यास नितिन भारद्वाज ने भगवान श्रीकृष्ण व रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया। कहा कि भगवान की शरण में जाने में संकोच नहीं करना चाहिए। मंगलवार को चौकपुरी में श्रीमद भागवत कथा सुनाते हुए कथाव्यास ने कहा कि रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण की अनन्य भक्त थीं। वह उनके साथ विवाह करना चाहती थीं, लेकिन उनका भाई रुक्मी इसके लिए तैयार नहीं था। भगवान के लिए रुक्मिणी ने अपने भाई को त्याग दिया और भगवान श्रीकृष्ण की शरण में चली गईं। मार्मिक प्रसंग सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। इस मौके पर नवीन गर्ग, रविंद्र चाैधरी, डॉ.एल सी गहलोत, रमेश सिंह, मनमोहन सिंह सेन, धर्मेंद्र सिंह, राजकुमार गिरि, सर्वेश सक्सेना, आदि ने धर्म लाभ कमाया।