श्रीश्याम मित्र मंडल की तरफ से श्रीराम महोत्सव में समुद्र मंथन की मन मोहक झांकी दिखाई गई। उससे निकले कालकूट विष का जगत कल्याण के लिए भगवान शिव ने पान कर लिया। देवता उनकी जय जयकार कर उठे। अवंतिका पार्क में महोत्सव के दूसरे दिन रविवार रात आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की वंदना के साथ हुआ। इसके बाद वैष्णव कला मंच के कलाकारों ने राजस्थानी संस्कृति में बाबोसा की झांकी प्रदर्शित की। इसके बाद दिखाया कि मां भगवती द्वारा प्रदान दिव्य माला को दुर्वाषा ऋषि देवराज इंद्र को दे देते हैं, लेकिन इंद्र ने उस माला का तिरस्कार कर दिया। जिस पर क्रोधित हुए ऋषि की देवराज इंद्र व समस्त देवताओं को शाप देने की झांकी दिखाई।