श्रद्धालुओं ने ब्रजघाट व तिगरी गंगा में स्नान कर पुण्य कमाया। साथ ही गंगा किनारे धार्मिक अनुष्ठान करा दान दक्षिणा भी दी। तड़के शुरू हुआ स्नान का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। तिगरी निवासी पंडित गंगाशरण शर्मा के मुताबिक सूरज की किरण निकलने से पहले ही आयोजन शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं के गंगा मैया के जयकारे व हर-हर गंगे के उद्घोष से ब्रजघाट व तिगरी गंगा तट गूंज उठा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा जल में फूल प्रसाद अर्पण किए। धूप दीप नैवेद्य से गंगा मैया का पूजन कर घर में सुख समृद्धि की कामना की।