शैक्षिक सत्र 2026-27 की पहली सत्रीय परीक्षा के तीसरे दिन शुक्रवार को जिले के परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा दो से आठ तक के विद्यार्थियों ने सामाजिक विषय और अंग्रेजी की परीक्षा दी। कक्षा एक के बच्चों को परीक्षा से अलग रखा गया। जिले के 1570 परिषदीय और 33 मान्यता प्राप्त विद्यालयों में परीक्षा कराई गई। करीब 1.29 लाख नामांकित विद्यार्थियों में लगभग 71 हजार बच्चे परीक्षा में शामिल हुए, जबकि करीब 58 हजार अनुपस्थित रहे। गौरीगंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय मिसरौली में 29 पंजीकृत विद्यार्थियों में 24 ने परीक्षा दी। कक्षा आठ की दामिनी ने बताया कि सामाजिक विषय का प्रश्नपत्र आसान था, जबकि अंग्रेजी में कुछ प्रश्न कठिन लगे। रिक्त स्थान भरने के साथ कविता से संबंधित सवाल भी आए। अनामिका ने बताया कि दोनों विषयों के अधिकांश प्रश्न अब तक कक्षा में पढ़ाए गए पाठ से ही पूछे गए थे। हर्ष द्विवेदी ने बताया कि सामाजिक विषय में पहली क्रांति कब हुई थी, जबकि अंग्रेजी में ट्रांसलेशन और पोयम से जुड़े प्रश्न आए। उसके अनुसार सभी सवाल हल कर लिए। मीनाक्षी ने भी प्रश्नपत्र पूरा हल करने की बात कही। मॉडल प्राथमिक विद्यालय में सनी, सुमन और देविका ने बताया कि सामाजिक विषय और अंग्रेजी में पढ़ाए गए पाठ के आधार पर ही सवाल पूछे गए थे। उन्होंने सभी प्रश्न हल किए। अधिगम स्तर का होगा आकलन बीएसए संजय तिवारी ने कहा कि सत्रीय परीक्षा का उद्देश्य केवल अंक देना नहीं, बल्कि बच्चों के वास्तविक अधिगम स्तर का आकलन करना है। अपेक्षित स्तर से कम प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को चिह्नित कर अतिरिक्त अभ्यास और विशेष पुनरावृत्ति कराई जाएगी।