मई की भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह से ही सूरज की तेज तपिश और उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालात ऐसे रहे कि पंखों की हवा भी गर्म महसूस होने लगी। दोपहर तक लू के थपेड़ों ने जनजीवन पर ब्रेक लगा दिया और सड़कें सूनी नजर आने लगीं। भीषण गर्मी का असर बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर साफ दिखाई दिया। दोपहर के समय बाजारों में ग्राहकों की संख्या काफी कम रही। जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग चेहरे को कपड़े से ढककर या छाता लेकर चलते दिखे। बाइक सवार और राहगीर जगह-जगह पेड़ों की छांव में रुककर राहत तलाशते नजर आए। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग नींबू पानी, शिकंजी, गन्ने का रस और अन्य ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते रहे। स्कूलों से छुट्टी के दौरान छात्रों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना करना पड़ा। कई अभिभावक बच्चों को लेने स्कूल पहुंचे ताकि उन्हें लू से बचाया जा सके। वहीं, लगातार बढ़ रही गर्मी का असर पशु-पक्षियों पर भी देखने को मिला। तालाबों और हैंडपंपों के आसपास जानवर पानी की तलाश में भटकते नजर आए। रात में भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। उमस के कारण लोग देर रात तक जागने को मजबूर हैं। बिजली कटौती ने परेशानी को और बढ़ा दिया है। फिजिशियन डॉ. शुभम पांडेय ने बताया कि लू लगने का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्का भोजन करने की सलाह दी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमर नाथ मिश्र ने बताया कि फिलहाल तापमान में गिरावट के आसार नहीं हैं और आने वाले दिनों में गर्मी का असर जारी रह सकता है।