अमेठी सिटी। कमरौली की यूपीएसआईडीसी कॉलोनी में महिला से चेन लूटने वाले अंतरजनपदीय लुटेरे सत्येंद्र कुमार निषाद उर्फ कालिया और उसके साथी गगनप्रीत सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई पीली धातु की चेन, 10 हजार रुपये, बिना नंबर की बाइक और हेलमेट बरामद हुआ है। एसपी सरवणन टी. ने बताया कि 13 अगस्त की वारदात के बाद पांच टीमें गठित की गई थीं। शुक्रवार को एसओ कमरौली मुकेश पटेल और स्वाट टीम प्रभारी अनूप सिंह की टीम ने बनभरिया मोड़ के पास घेराबंदी कर सत्येंद्र को पकड़ लिया। उसके साथ चेन खरीदने वाले गगनप्रीत को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद सत्येंद्र बाइक से इन्हौना और बाजारशुकुल होते हुए अयोध्या गया। पहचान छिपाने के लिए वहां शोरूम से कपड़े बदले। फिर कमरौली लौटकर पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखी। सक्रियता भांपकर लखनऊ-वाराणसी हाईवे से लखनऊ निकल गया। जांच टीम ने करीब 157 किलोमीटर के मार्ग पर लगे 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। बाइक से पहचान होने के बाद मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया। लोकेशन मिलने पर पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में सत्येंद्र ने बताया कि लूटी चेन उसी दिन गगनप्रीत को बेचने के लिए दी थी। इसके बदले 15 हजार रुपये एडवांस मिले थे। लखनऊ में चेन नहीं बिक सकी थी। एसपी के अनुसार, सत्येंद्र ने 137 से अधिक वारदात करने की बात बताई है। उसके खिलाफ 39 मुकदमे सामने आए हैं और वह चार बार जेल जा चुका है। दूसरे नाम से दर्ज मुकदमों की जानकारी का सत्यापन कराया जा रहा है। अमेठी में पहली वारदात, चार बार गया जेल पुलिस के मुताबिक, सत्येंद्र के खिलाफ वर्ष 2012 से मुकदमे दर्ज हैं। अधिकांश मामले लूट और चोरी के हैं। वह लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली और अयोध्या में वारदात कर चुका है। पूछताछ में उसने 56 मामले दर्ज होने की बात भी बताई है। पुलिस रिकॉर्ड का सत्यापन कर रही है। दोस्ती के बाद चेन खरीदने में जुड़ा साथी गगनप्रीत और सत्येंद्र की दोस्ती वर्ष 2020 में मोबाइल कंपनी में सेल्समैन की नौकरी के दौरान हुई थी। गगनप्रीत के खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। पुलिस चेन खरीदने में उसकी भूमिका की जांच कर रही है। गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई पुलिस लूट का माल खरीदने और खपाने वालों की पहचान कर रही है। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और अपराध से अर्जित संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मामले को ऑपरेशन लुटेरा के तहत चिन्हित कर न्यायालय में प्रभावी पैरवी की जाएगी। गिरफ्तारी करने वाली टीम को एसपी ने 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।