अमेठी में मई की तेज धूप और बढ़ती गर्मी ने जनजीवन की रफ्तार धीमी कर दी है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के बाद दोपहर में शहर की सड़कें और बाजार सूने नजर आए। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग जरूरी काम निपटाकर जल्द घर लौटते दिखे। दोपहर में शहर के प्रमुख बाजारों में सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम रही। सड़क किनारे पेड़ों की छांव राहगीरों के लिए राहत का सहारा बनी रही। स्कूल से लौटते बच्चे सिर और चेहरे पर कपड़ा बांधकर घर पहुंचे। बाइक सवार गमछा, टोपी और चश्मे के सहारे धूप से बचने की कोशिश करते दिखे। गर्म हवा के थपेड़ों के चलते कुछ देर पैदल चलना भी मुश्किल बना रहा। बढ़ते तापमान का असर कारोबार पर भी दिखाई दिया। दोपहर के समय कई दुकानों पर ग्राहक कम पहुंचे। दुकानदारों ने बताया कि सुबह और शाम के समय ही बाजारों में चहल-पहल दिख रही है। दोपहर में सड़कों पर आवाजाही घटने से बाजारों में सन्नाटा जैसा माहौल बना रहा। गर्मी बढ़ने के साथ बेल का शरबत, जलजीरा, लस्सी और फलों के जूस की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। दुकानदार राम खेलावन और रमेश कुमार ने बताया कि दोपहर में सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। कुशबैरा गांव निवासी शिवसेवक ने बताया कि रिश्तेदारी में कार्यक्रम होने के कारण दोपहर में बाजार आना पड़ा। तेज धूप के चलते बाइक चलाने और पैदल चलने में दिक्कत हो रही है। शरीर से निकल रहा पसीना परेशानी बढ़ा रहा है। घर और दफ्तरों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है। दिनभर चलने वाले पंखे और कूलर भी राहत नहीं दे पा रहे हैं। दोपहर के समय लोग घरों के भीतर रहने को मजबूर दिखे। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ ने बताया कि अगले 24 घंटे के दौरान आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन वर्षा के आसार नहीं हैं। दक्षिण-पूर्वी हवा चलने से उमस बनी रहेगी और गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है।