अमेठी में भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच मिट्टी की सुराही एक बार फिर लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है। तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंचते ही बाजारों में सुराही और मिट्टी के बर्तनों की मांग अचानक बढ़ गई है। लोग फ्रिज के ठंडे पानी के बजाय सुराही के प्राकृतिक ठंडे और मीठे पानी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। शहर के बाजारों में इन दिनों टोटीदार सुराही, मटका और मिट्टी के घड़े बेचने वाली दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिल रही है। दुकानदारों का कहना है कि सुबह से शाम तक लोग सुराही खरीदने पहुंच रहे हैं। कई दुकानों पर तो पसंदीदा डिजाइन और आकार की सुराही जल्दी खत्म हो जा रही है। दुकानदारों के अनुसार बारिश से पहले करीब 300 से अधिक टोटीदार सुराहियों की बिक्री हो चुकी थी। बीच में मौसम बदलने और हल्की बारिश के चलते बिक्री कुछ धीमी पड़ी, लेकिन अब गर्मी बढ़ने के साथ मांग फिर तेज हो गई है। वर्तमान में प्रतिदिन 15 से 25 सुराहियां बिक रही हैं। लोगों का मानना है कि मिट्टी की सुराही का पानी न सिर्फ ठंडा रहता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है। तेज धूप में बाहर से लौटने वाले लोग सुराही का पानी पीकर राहत महसूस कर रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के साथ शहरों में भी इसका चलन तेजी से बढ़ रहा है। गर्मी के इस मौसम में जहां बिजली कटौती और बढ़ते तापमान से लोग परेशान हैं, वहीं मिट्टी की सुराही पुराने दौर की याद दिलाने के साथ लोगों को प्राकृतिक ठंडक का एहसास भी करा रही है।