अंबेडकरनगर। भगवान शिव की आराधना और आस्था का पवित्र पर्व सावन का प्रथम सोमवार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। जिले के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगेंगी। जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और बेलपत्र अर्पित कर भोलेनाथ से सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी। मंदिरों में विशेष पूजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जबकि सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। अकबरपुर के शिव बाबा धाम परिसर में सुरक्षा के मद्देनजर अस्थायी चौकी बनाई गई है। इसके साथ ही 17 स्थानों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से निगरानी की जाएगी। मंदिर परिसर में सैकड़ों की संख्या में दुकानें सज गई हैं। बैरीकेडिंग लगाकर चौपहिया व दोपहिया वाहनों के भीतर प्रवेश पर रोक लगाई गई लै। हालांकि यहां जलभराव की समस्या मंदिर जाने वाले मार्गों के किनारे बनी हुई है। शहजादपुर के शिवाला मंदिर में भी साज सजावट व अन्य तमाम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। टांडा, जलालपुर व मालीपुर के प्रमुख शिव मंदिरों व घाटों पर श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए बैरीकेडिंग व अन्य व्यवस्थाएं कराई गई हैं। आचार्य रत्नेश ने बताया कि सावन सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालु क्रोध, असत्य और नशे से दूर रहें तथा यथाशक्ति दान-पुण्य करें। भगवान शिव की कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य व मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। बारिश के बाद हुआ कीचड़ और जलभराव आलापुर। चहोड़ाघाट शिव मंदिर पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और साफ-सफाई की व्यवस्था तो कर दी गई है, लेकिन मंदिर तक जाने वाला मार्ग अब भी कीचड़ और फिसलन बनी हुई है। बारिश के चलते रास्ता बेहद खराब हो गया है जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है तथा हादसे की आशंका बनी हुई है। मंदिर के महंत राकेश गिरी ने प्रशासन से मांग की है कि मार्ग पर तत्काल मिट्टी, ईंट-खड़ंजा या अन्य वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए, ताकि सावन में जलाभिषेक के लिए आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम रास्ता मिल सके। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।