पिछड़े वर्ग की 55 फीसदी हिस्सेदारी, शिक्षा के स्तर में कमी पर जताई चिंता अंबेडकरनगर: उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग ने बुधवार को सर्किट हाउस में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जनसंख्या, सामाजिक स्थिति और स्थानीय निकायों में उनके प्रतिनिधित्व की व्यापक समीक्षा की। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास समेत अन्य क्षेत्रों विस्तृत फीडबैक लिया गया। इस दौरान शिक्षा के स्तर में कमी पर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार अंबेडकरनगर की कुल जनसंख्या 20,38,840 है। इनमें 11,23,445 अन्य पिछड़ा वर्ग, 5,44,251 अनुसूचित जाति तथा 659 अनुसूचित जनजाति के लोग शामिल हैं। इस प्रकार जिले की कुल आबादी में अन्य पिछड़ा वर्ग की हिस्सेदारी लगभग 55 प्रतिशत है। आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति राम औतार सिंह ने अधिकारियों को आयोग के गठन के उद्देश्य और कार्यप्रणाली की जानकारी देते हुए कहा कि आयोग स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के वास्तविक प्रतिनिधित्व, उनकी सामाजिक स्थिति और पिछड़ेपन के कारणों का निष्पक्ष अध्ययन कर रहा है। प्राप्त तथ्यों और सुझावों के आधार पर आयोग अपनी संस्तुतियां शासन को उपलब्ध कराएगा। सदस्यों ने खंड विकास अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से अन्य पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति तथा पंचायतों और स्थानीय निकायों में उनके प्रतिनिधित्व से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की। जनप्रतिनिधियों ने भी वर्तमान आरक्षण व्यवस्था को लेकर अपने सुझाव आयोग के समक्ष रखे।