अंबेडकरनगर में मार्च माह के दूसरे सप्ताह में ही तापमान बढ़कर 32 डिग्री पहुंच गया है। तीन दिन से धुंध और बदली के बाद भी तापमान में कोई गिरावट नहीं हो रही है। सोमवार को दोपहर बाद तेज हवा चलने से भी हालात पर कोई खास असर नहीं नजर आया। ऐसे में पछेती फसलों के अलावा आम के बौर और कद्दू वर्गीय सब्जियों पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, हवा चलने के कारण अगेती सरसों का दाना टूटकर खेत में बिखरने के आसार भी बने हुए हैं। अकबरपुर शहर में सोमवार सुबह से धूप निकलने के बावजूद धुंध छाई रही। बीच-बीच में बदली होने का सिलसिला भी चलता रहा। इसके चलते दृश्यता पर भी असर रहा। दोपहर करीब ढाई बजे के बाद मौसम में तेजी से परिवर्तन आया। आसमान में पूरी तरह से बादल छा गए और तेज हवा चलने लगी। इसके बावजूद तापमान में कोई गिरावट नहीं हुई। यही हालात जलालपुर क्षेत्र में भी देखने को मिले। आलापुर, टांडा और भीटी क्षेत्रों में धूप और बादलों की आंखमिचौली का खेल जारी रहा। कृषि विज्ञान केंद्र पांती के अध्यक्ष व वैज्ञानिक डॉ. रामजीत ने बताया कि लगातार बढ़ता तापमान पछेती सरसों और गेहूं के लिए काफी नुकसानदायक है। इससे दाने सिकुड़ जाएंगे और वजन भी कम होगा। ऐसे में उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ेगा। कद्दू वर्गीय सब्जियों लौकी, खीरा, करेला, कद्दू, तोरई, ककड़ी के फूल तापमान अधिक होने के कारण सूखकर झड़ रहे हैं।