सेवानिवृत्त भारतीय राजनयिक विकास स्वरूप ने बज्म ए विरासत के दूसरे दिन लोगों से रूबरू हुए। उन्होंने भारतीय राजनयिक सेवा और उसके बाद लेखन के कार्य में आने के यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने बताया वह विदेश सेवा में रहने के दौरान कई पुस्तकें लिखीं, जिसमें स्लमडॉग मिलिनेयर सहित कई पुस्तकें काफी लोकप्रिय हुईं।