बाबा साहब की परिकल्पना थी कि स्वतंत्रता से पहले समाज में समानता आनी चाहिए। जब समानता स्थापित हो जाएगी तो स्वतंत्रता कायम रहेगी। कानून मंत्री ने कहा कि प्रयागराज ज्ञान का शहर है। चिंतन, मंथन और मनन का होगा संगम तो अमृत जरूर निकलेगा। मेघवाल न्यायिक प्रणाली में सुधारों की गुंजाइश व आवश्यकता विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे। यह कार्यक्रम हाइकोर्ट के कनवेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। पंडित कन्हैया लाल मिश्रा मेमोरियल कमेटी की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया है। मंत्री बोले एडवोकेट एक्ट में संशोधन, मेडिकल क्लेम और बीमा योजना शीघ्र लागू होगी। न्यायिक प्रक्रिया में सुधार से ही भारत 2047 तक विकसित भारत बनेगा।