मनुष्यों के हृदय, यकृत, गुर्दे और सहित हर अंग में माइक्रो प्लास्टिक के अंश मिल रहे हैं। यह दावा पद्म श्री डॉ. अजय ने अपने एक शोध में है। डॉ. अजय के अनुसार हमारे शरीर के हर अंग में रक्त का प्रवाह होता है। ये प्लास्टिक हमारे भोजन से हमारे खून में पहुंचे गया है तो तमाम अंगों में इसका मिलना कोई हैरत की बात नहीं है। कुछ वर्षों पहले विश्व विख्यात वैज्ञानिक पद्मश्री डॉ. अजय कुमार सोनकर ने माइक्रोप्लास्टिक पर किए शोध के आधार पर जिस खतरे का अंदेशा जताया था, उसके दुष्परिणाम अब दिखने लगे हैं। इधर कुछ समय से दुनिया भर से रिपोर्ट आ रही है कि मानव हृदय में माइक्रोप्लास्टिक पाया गया तो कभी मानव की यकृत में प्लास्टिक की मौजूदगी दर्ज हुई।