अगले वर्ष लगने वाले महाकुंभ के मद्देनजर शहर के हर इलाके में कार्य हो रहा है। विशेष तौर पर गंगा के किनारे घाटों को सजाने के साथ ही घाट के किनारे मौजूद पौराणिक मंदिरों के रख रखाव और सुंदरीकरण का कार्य हो रहा है। इसी कड़ी में दशाश्वमेध घाट पर मौजूद प्राचीन दशाश्वमेधेश्वर मंदिर का जीर्णोद्धार हो रहा है। बताया जाता है कि इस मंदिर में विराजित महादेव के शिवलिंग को मुगल शासक औरंगजेब ने नष्ट करने का प्रयास किया था। उसने अपने तलवार से शिवलिंग पर प्रहार किया था। आज भी शिवलिंग पर निशान है। यहां खंडित शिवलिंग ही पूजा जाता है। इस मंदिर का जीर्णोद्धार तेजी से चल रहा है।