हर छह वर्ष में अर्धकुंभ, 12 वर्ष में कुंभ और 12 कुंभ बीतने के उपरांत 144 वर्षों में महाकुंभ का पर्व होता है, जो इस सदी में हमें दर्शन और स्नान के लिए प्राप्त हुआ है। वर्तमान समय संपूर्ण विश्व के सनातनी, वैदिक, हिन्दू धर्म के लिए सौभाग्य है। इस कुंभ महापर्व से मानवता और विश्व कल्याण की कामना करने वाले ज्योतिष पीठाधीश्वर बद्रिकाश्रम हिमालय जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती 1008 का कुंभ में प्रवेश दिनांक नौ जनवरी को होगा।