सुर-लय-ताल की त्रिवेणी बही तो बहती गई। सुरों के साथ मासूमों का अफसाना देखते बना। हर चेहरे पर मंच पर चढ़ने की बेताबी और बेकरारी थी। मौका था पांच दिवसीय अमर उजाला कर्निवॉल की आखिरी निशा का। नवांकुर कलाकारों के हुनर का जादू देर रात तक सिर चढ़कर बोला।
1 September 2026
31 August 2026
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