पुरुषोत्तम मास में धार्मिक कार्यों को करने का धार्मिक महत्व है। ऐसा माना जाता है कि जो भी पुण्य कार्य, धार्मिक कार्य, जप-तप किया जाता है, उसका एक हजार गुना लाभ मिलता है। साथ ही ऐसी मान्यता है कि ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा करने वाले व्यक्ति को 84 लाख योनियों से मुक्ति मिल जाती है। इसी मान्यता को लेकर 18 मई से शुरू हुए पुरषोत्तम मास में ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा करने वालों मेंबच्चे-बूढ़े, महिला व पुरुष शामिल हैं।