अमर उजाला कैलाश खेर नाइट में पद्मश्री कैलाश खेर की सुरों महफिल सजी। कैलाश खेर ने क्या कभी अंबर से सूर्य बिछड़ता है, क्या कभी बिन बाती दीपक जलता है, कैसे बताएं क्यूं तुझको चाहें, सुनाया तो हर कोई उनके गानों पर झूम उठा। उत्साह में डूबे दर्शक मंच पर भी पहुंच गए और नृत्य करने लगे।