अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों की ही नहीं मरीजों को लिखी जाने वाली दवाओं के पर्चे की भी झपटमार होती है। यहां पर मरीजों को लिखी दवाओं के पर्चे को लपकने के लिए जकरिया और आसपास के दवा मार्केट के कुछ एजेंट सक्रिय रहते हैं। इसकी पड़ताल करने के लिए अमर उजाला की टीम जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में पहुंची। यहां पर्चे को लपकने के लिए एजेंट आ गए। 80 फीसदी छूट तक का प्रलोभन दिया गया। एजेंट की दुकान पर 80 फीसदी छूट के साथ दवाओं का बिल 26 हजार का था। जबकि दवाओं की वास्तविक कीमत 70 फीसदी तक कम थी।