आगरा के थाना सदर क्षेत्र में करोड़ों की जमीन का फर्जी दस्तावेज बनवाकर सौदा करने की साजिश नाकाम हो गई। असली मालिक ने खुद खरीदार बनकर जाल बिछाया और चार करोड़ में सौदा तय कर तीन आरोपियों को दबोच लिया। तीनों को पुलिस के हवाले कर प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है। आरोपियों ने इसके लिए फर्जी खतौनी और आधार कार्ड बनवा लिए थे। रोहता, सदर निवासी मदन मोहन ने बताया कि वह और नानक चंद सगे भाई हैं। दोनों के नाम पर जमीन है। इनमें एक का रोहता में खसरा नंबर 1088 है। 29 अप्रैल को परिचित ब्रोकर रवि कुशवाहा ने बेटे सतपाल को बताया कि आपकी जमीन को कुछ लोग बेचने की फिराक में हैं। जमीन को अपनी बता रहे हैं। उनके पास फर्जी आधार कार्ड भी हैं। इस पर उन्होंने तीनों आरोपियों को जमीन खरीदने के बहाने अपने पास बुला लिया। तीनों बुधवार रात 8 बजे उनके पास आए। सभी ने प्रति बीघा 4 करोड़ रुपये कीमत लगाई। 30 लाख रुपये टोकन मनी मांगे। कहा कि बाकी रकम 18 महीने में देनी होगी। इस दौरान आरोपियों ने खतौनी की कॉपी और आधार कार्ड दिखाएं जो उन दानों भाइयों के नाम पर थे। फर्जी तरीके से बनाए गए थे। उन्होंने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन लोग फर्जी तरीके से जमीन का सौदा करने के लिए आए हैं। मौके पर पहुंचकर जांच की गई तो मामला सही निकला। धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों में फरह मथुरा निवासी गजेंद्र चौधरी उर्फ भोला, मलपुरा निवासी किशनवीर और गढ़मुक्खा, कागारौल निवासी ओमवीर हैं।