उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के पांच विशेषज्ञों की टीम ने एसएन मेडिकल कॉलेज से आईएसबीटी स्टेशन तक ट्रैक और सिग्नल की जांच की। तकनीकी दिक्कत के कारण मेट्रो का हाईस्पीड ट्रायल आईएसबीटी तक नहीं हो सका था। टीम की रिपोर्ट के बाद इसे दुरुस्त कराया जाएगा। इसके बाद ट्रायल होगा। यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि मन:कामेश्वर से आईएसबीटी के लिए हाईस्पीड ट्रायल शुक्रवार को किया जाना था। मन:कामेश्वर से एसएन मेडिकल कॉलेज स्टेशन तक मेट्रो को 30-40 किमी. की गति से चलाया। एसएन से आगे ट्रैक की फिटनेस और सिग्नल की केबल में तकनीकी दिक्कत आने के कारण मेट्रो को आगे नहीं बढ़ाया जा सका। ऐसे में सिग्नल, ट्रैक, कंट्रोल रूम समेत पांच सेक्शन के विशेषज्ञों की टीम ने एसएन स्टेशन, आगरा कॉलेज स्टेशन, राजामंडी कॉलेज स्टेशन, आरबीएस कॉलेज स्टेशन और आईएसबीटी स्टेशन तक अप और डाउन लेन की जांच की। सिग्नल और अन्य तकनीकी बिंदुओं को भी परखा है। एक-दो दिन में इसकी दिक्कतों को पूरी तरह से ठीक करने के बाद हाईस्पीड ट्रायल किया जाएगा। इसका तीन चरणों में ट्रायल होगा। पहले में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति रखी जाएगी। दूसरे चरण में 40 से 70 किमी और अंतिम चरण में अधिकतम 90 किमी. प्रति घंटे की गति से मेट्रो ट्रेन चलेगी। जून के अंत में आईएसबीटी तक मेट्रो ट्रेन चलने लगेगी। इससे लोगों के लिए यातायात की बड़ी सुविधा हो जाएगी।