बाह। जयनरायन मंदिर बाह में सोमवार को भागवत कथा का प्रवचन करते हुए आचार्य माधव मयंक तिवारी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने योग्य धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि यह जीवन का शाश्वत विज्ञान है। इसमें बताया गया है कि मनुष्य कैसे दुःख से मुक्त होकर आनंद, शांति और मोक्ष की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा सुनना आत्मा की शुद्धि का मार्ग है। समझाया कि जैसे धूल से ढका हुआ दर्पण साफ करने पर उसमें छवि स्पष्ट दिखती है, वैसे ही कथा श्रवण से मनुष्य का हृदय निर्मल होता है और उसे अपने भीतर स्थित परमात्मा का साक्षात्कार होने लगता है। उन्होंने कहा कि पहला दिन पापों का नाश करता है और जन्म-जन्मांतर के बंधनों से मुक्ति की राह खोलता है। कथा सुनने से जीवन में विवेक का उदय होता है और व्यक्ति सही-गलत को पहचान पाता है। भागवत कथा न सिर्फ समाज को जोड़ती है, वरन हमें सेवा, सहयोग और संस्कारों से जोड़ती है। इससे पहले बाह कस्बे में बैंड बाजे के साथ मंगल कलश यात्रा आयोजन किया गया। बाह के बाजार से लेकर सड़क तक पुष्प वर्षा के बीच निकाली गई कलश यात्रा में भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा। सैकड़ों महिलाएं और युवतियां सिर पर कलश रख कर भक्तिमय माहौल में जयनरायन मंदिर पर पहुंची। समापन पर कलश स्थापित किए गये। भागवताचार्य ने कथा का महत्व समझाया। इस दौरान भजन कीर्तन ने भक्तों को निहाल कर दिया। कार्यक्रम में बाह के प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए। ठाकुर जी जयनरायन महाराज परीक्षत बनाए गये हैं।