आगरा। जनसुनवाई को सरकार सुशासन का आधार मान रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय से हर माह समीक्षा हो रही है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही जनसुनवाई को दागदार कर रही है। पिछले छह महीने से सात विभागों के अधिकारी सबसे ज्यादा लापरवाह बने हुए हैं। फीडबैक में सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी-स्टांप), मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), अपर नगर आयुक्त, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस), प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ), सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) और अधिशासी अभियंता विद्युत की कार्यप्रणाली से फरियादी सर्वाधिक नाखुश मिले हैं। सात अधिकारियों के लापरवाह रवैये के कारण जिलाधिकारी की रैकिंग खराब हो रही है।