क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह का आगरा से गहरा नाता रहा है। उन्होंने आगरा में फरारी का एक साल गुजारा था। यहां ही बम बनाना सीखा और अपने साथी बटुकेश्वर दत्त के साथ असेंबली (पुराना संसद भवन) में बम फेंककर अंग्रेजी हुकूमत को हिला दिया था। इस बम कांड के लिए बम भी नूरी दरवाजा में बनाए गए थे। उन्हें फांसी की सजा के लिए चलाए गए मुकदमे में आगरा के 8 लोगों ने गवाही दी थी।