अप्रैल माह में लगातार बढ़ते तापमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय जायद (गर्मी) की फसलें अपने महत्वपूर्ण विकास चरण में हैं, लेकिन पारा 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने से इन फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र सिंह चौहान के अनुसार, यदि तापमान में जल्द गिरावट नहीं आई तो सब्जियों, दलहनी फसलों और चारे के उत्पादन में गिरावट तय मानी जा रही है।