दिवाली पर बंदनवार या तोरण लगाने की परंपरा है, जिसे घर के मुख्य द्वार पर लगाया जाता है। मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए और घर में सुख-समृद्धि लाता है। वहीं बाजारो में वोकल फॉर लोकल का असर इस दिवाली पर स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ी है। जिसमें हस्तनिर्मित तोरण और वंदनवार भी शामिल हैं। लोग चीनी लाइटों और सजावटी सामान की बजाय घरेलू निर्माताओं द्वारा तैयार की गई वस्तुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। बाजार में बंदनवार की मांग है। राजामंडी बाजार में ग्वालियर से दिवाली पर वंदनवार बेचने आयी गौरी देवी ने बताया कि कटप्पा. चकरी. कलश. लक्ष्मी गणेश, शुभ-लाभ, घंटी वाले वंदनवार आदि के साथ बाजारों में रंग-बिरंगी लड़ियों. झालर की खूब मांग है। वंदनवार की कीमत 100 से लेकर 2000 रुपये तक है