आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभाग में प्रीमेच्योर नवजात के इलाज के बारे में कार्यशाला हुई। इसमें पोलैंड के विशेषज्ञ ने व्याख्यान दिया। बाल रोग के विभाग अध्यक्ष डॉक्टर पंकज कुमार ने बताया कि समय पूर्व प्रसव वाले गंभीर नवजात को अभी तक वेंटिलेटर लगाया जाता था । अब लीजा तकनीकी से दवा सीधे फेफड़ों में दी जाएगी, जिससे संक्रमण का खतरा कम होगा और नवजात के ठीक होने की दर बढ़ जाएगी।