उत्तर प्रदेश के आगरा में मां की निष्ठुरता की ऐसी खबर आई है, जिसे सुनकर लोग दहल गए। यहां एक महिला अपने पति से अलग रहने लगी। करवाचौथ पर भी वह घर नहीं आई। इससे अवसाद में आए 11वीं में पढ़ने वाले बेटे ने खुदखुशी कर ली। बेटे की मौत की खबर मिली, फिर वह घर नहीं आई। बेटे का आखिरी बार चेहरा भी नहीं देखा। बेटे की मौत से पिता बिलखता रहा। घटना रुनकता स्थित सिल्वर एस्टेट कॉलोनी में रविवार रात करीब 8 बजे की है। यहां रहने वाला मनोज शुक्ला बेयरिंग फैक्टरी में कर्मचारी है। उसका 18 वर्षीय बेटा पारस कक्षा 11 का छात्र था। पारस के ताऊ लक्ष्मण ने बताया कि मनोज की पत्नी शकुंतला डेढ़ साल पहले विवाद के कारण घर से चली गई थी। वह लंबे समय से पड़ोस के मोहल्ले में किराये पर कमरा लेकर रह रही है। वह इतनी निष्ठुर है कि कभी बेटे से बात तक नहीं करती थी। बेटे ने कई बार बात करने का प्रयास किया। लेकिन, वह नहीं मानी। कभी मिलने भी नहीं आती थी। घर में पिता-पुत्र रहते थे। इस वजह से पारस अवसाद में चल रहा था। रविवार शाम करीब 7 बजे मनोज ने बेटे पारस के साथ खाना खाया। इसके बाद वह किसी काम से घर से बाहर चला गया था। करीब एक घंटे बाद लौटा तो पारस कमरे में पंखे पर फंदे से लटका मिला।