आगरा में जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) और नसबंदी घोटाले की जांच दबा दी गई है। साल भर हो जाने पर भी जांच पूरी नहीं हो सकी। दोषी आशा और स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ पर कार्रवाई नहीं की है। बीते साल ऑडिट सत्र में फतेहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 2021-2024 सत्र में फर्जी जेएसवाई-नसबंदी का मामला पकड़ा गया था। एक-एक महिला के 20-25 बार प्रसव और 3-5 बार नसबंदी करा दी। कृष्णा के 25 बार प्रसव व 5 बार नसबंदी, कस्तूरी देवी के 19 बार प्रसव व एक बार नसबंदी, सुनीता और मछला देवी के 18-18 बार प्रसव और तीन-तीन बार नसबंदी दिखाकर घोटाला किया।