राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सौ वर्ष पूरे होने पर शहर में जगह-जगह हिंदू सम्मेलन हो रहे हैं। सोमवार को विराट हिंदू सम्मेलन समिति श्री मन:कामेश्वर नगर की ओर से दरेसी नंबर दो में सम्मेलन का आयोजन हुआ। वक्ताओं ने सनातन मूल्यों पर मंथन किया। जातिवाद और भेदभाव से ऊपर उठकर हिंदू एक है का संदेश दिया। शुभारंभ श्री मन:कामेश्वर मंदिर के पीठाधीश्वर महंत योगेश पुरी, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रकाश साहू और रेणुका डंग ने किया। बालिकाओं ने देशभक्ति गीतों और सबरी के बेर नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी। अयोध्या से पधारे मुख्य अतिथि आचार्य गंगाधर पाठक, मुख्य महंत श्रीराम जन्मभूमि शिलान्यास श्रीराम मंदिर ने सनातन परंपरा के मूल तत्वों के हिंदू, हिंदुत्व, सनातन, राष्ट्र और हिंदू राष्ट्र जैसे विषय पर विचार व्यक्त किए। कहा कि भारतीय शास्त्रों, वेद-पुराणों और उपनिषदों में हिंदू और हिंदुत्व का स्पष्ट स्वरूप वर्णित है। गीता, गंगा, गायत्री, गोविंद और गाय को सनातन परंपरा के पांच प्राण बताया। कहा कि गाय और उसकी सेवा के बिना हिंदू संस्कृति की कल्पना अधूरी है। राष्ट्रीय स्वंय संघ के क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख डॉ. रूप नारायण ने बीबीसी लंदन की प्रतियोगिता का जिक्र करते हुए कहा कि बीबीसी ने आरएसएस को दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बताया था। महंत योगेश पुरी ने भगवान श्रीराम के जीवन की परंपराओं, आदर्शों और मानवीय मूल्यों को अपनाने की सीख दी। रेणुका डंग ने समाज को तोड़ने वाली मानसिकता पर चिंता व्यक्त की। कहा कि सशक्त राष्ट्र के लिए समरस समाज की आवश्यकता है। इससे पूर्व गोमाता का पूजन किया गया। शहर में संचालित गोशालाओं के लोगों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर अध्यक्ष पंकज जैन, उपाध्यक्ष अमर गुप्ता, उपाध्यक्ष मनीष अग्रवाल, जोली भाई, नितिन बंसल, आशीष जैन, अभिषेक झा, पंकज चौरसिया, राकेश जैन पार्षद, अनुराग चतुर्वेदी पार्षद, रवि माथुर पार्षद, अनुज शर्मा पार्षद, प्रमोद गुप्ता आदि रहे।