इलाज और जांच में लापरवाही से मरीजों की मौत के मामले को देखते हुए पैथोलॉजी लैब और आईसीयू की ऑडिट कराई जाएगी। इसमें स्टाफ, डॉक्टर और उपकरणों के सत्यापन के बाद ही लाइसेंस दिए जाएंगे। पूर्व में आई शिकायतों की जांच में भी मौके पर डॉक्टर नहीं मिले थे। ऐसे में शासन स्तर से भी सख्त निर्देश मिले हैं।