आगरा के थाना हरीपर्वत पुलिस ने कंप्यूटर व्यापारियों से ठगी करने वाले गिरोह की मुख्य आरोपी एमबीए पास महिला सहित चार को गिरफ्तार किया है। तीन आरोपी पूर्वी दिल्ली के हैं। महिला ईमेल से कंप्यूटर व्यापारियों को लैपटॉप खरीदने का ऑर्डर देती थी। अंग्रेजी में बात करती थी। लैपटॉप की डिलीवरी मिलने के बाद सभी भाग जाते थे। ये लैपटॉप को चलते-फिरते लोगों को 10 से 15 हजार में बेच देते थे। एसीपी हरीपर्वत अमीषा सिंह ने बताया कि जॉर्ज जेम्स की स्काई टावर, संजय प्लेस में अंपायर कंप्यूटर सर्विसेज नामक फर्म है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 24 अप्रैल को अंशिका शर्मा नामक महिला ने पांच लैपटॉप खरीदने के लिए ईमेल किया। अपनी फर्म का कार्यालय श्री वृंदावन टावर की चौथी मंजिल पर बताया। उन्होंने कंपनी के पते पर डेल कंपनी के पांच लैपटॉप डिलीवर कर दिए। इसका पेमेंट मांगने पर उन्होंने और लैपटॉप की मांग रखी। 29 अप्रैल को फतेहाबाद रोड स्थित होटल में 10 लैपटॉप महिला के साथी को दे दिए। बाद में 10 लैपटॉप और दिए गए। लैपटॉप सहित अन्य सामान की कीमत तकरीबन 7.80 लाख रुपये थी। लैपटॉप लेने के बाद महिला ने फोन उठाना बंद कर दिया। व्हाट्सएप पर भी मैसेज जा रहे थे लेकिन कोई रिस्पांस नहीं आ रहा था। मामले में पुलिस से शिकायत की गई। पुलिस ने जांच के बाद मयंक, पवन, आशीष और आरोपी महिला अंशिका उर्फ अनीता को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से घटना से संबंधित 9 लैपटॉप और अन्य 29 लैपटॉप सहित 74 हजार रुपये बरामद किए गए। एसीपी के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी अनीता ने बताया कि वह इसी तरह अपने साथियों की मदद से लैपटॉप विक्रेताओं के साथ धोखाधड़ी करती है। अपनी निजी फर्म बताकर उनसे लैपटॉप की मांग करते हैं। लैपटॉप लेने के बाद भाग निकलते हैं। महाराष्ट्र के नागपुर के थाना बजाज से उन्हें मार्च 2025 में जेल भेजा गया था। उस समय भी लैपटॉप की धोखाधड़ी की थी। तब उसके साथ पवन भी पकड़ा गया था। महिला तलाकशुदा है, अकेली रहती है। पांच लैपटॉप उसने, जबकि 5 लैपटॉप आशीष ने लिए थे। बाद में होटल में आकर 15 लैपटॉप और आशीष ने ले लिए थे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला पूर्व में आगरा में भी रहने आई थी। बाद में उसकी शादी गाजियाबाद में हो गई। पति से अलग होने के बाद ग्रेटर नोएडा में रह रही थी।