आगरा के किरावली तहसील के रायभा गांव में सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से बेचने के मामले में डीएम के निर्देश पर 21 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस फर्जीवाड़े में शामिल क्रेता, विक्रेता और गवाहों पर के धोखाधड़ी के आरोप हैं। इन जालसाजों ने मिलीभगत कर सरकारी भूमि के छह फर्जी बैनामे कर 0.2540 हेक्टेयर भूमि बेच डाली। जिलाधिकारी मनीष बंसल को शिकायत मिली थी कि किरावली के ग्राम रायभा में गाटा संख्या 1137 की सरकारी जमीन को कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से बेचा जा रहा है। राजस्व अभिलेखों खतौनी फसली 1425-1430 के खाता संख्या 1344 में 0.2540 हेक्टेयर रकबे की यह जमीन कृषि योग्य नवीन परती/बंजर के रूप में सरकारी संपत्ति दर्ज है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तहसीलदार किरावली को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए। तहसीलदार की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कुल 21 लोगों ने इस सुनियोजित जालसाजी को अंजाम दिया। इन आरोपियों ने आपस में ही क्रेता, विक्रेता और गवाह बनकर सरकारी जमीन के कुल छह बैनामे कराए हैं। जांच आख्या के आधार पर क्षेत्रीय लेखपाल ने किरावली थाने में तहरीर दी। पुलिस ने 21 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली।