आगरा। शहर में अवैध तरीके से दवाओं की बिक्री के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक बार फिर औषधि विभाग ने छापे की कार्रवाई की। इसमें सामने आया कि किसी फर्म पर जीवन रक्षक दवाओं के रखरखाव में लापरवाही की जा रही थी तो कहीं संचालक बिल नहीं दिखा पा रहे थे। फर्म के लाइसेंस निरस्त होने के बाद भी दवाओं को बेचा जा रहा था। मामले में थाना कोतवाली में तीन प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इसमें 14 फर्म संचालकों को आरोपी बनाया गया है।