मथुरा। हौसलों के आगे तो आसमान भी झुक जाता है। इस कहावत को भद्रवन निवासी गगन सिंह राघव ने चरितार्थ कर दिखाया है। शत-प्रतिशत दृष्टिबाधित होने और आर्थिक तंगी के बावजूद, गगन ने सीबीएसई 12वीं के परीक्षा परिणाम में 95.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। अब उनकी इस असाधारण प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है और प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन ने उन्हें स्नातक की पढ़ाई के लिए प्रवेश का प्रस्ताव भेजा है। गगन के पिता हाकिम सिंह किसान हैं। किसान परिवार के इस बेटे ने संसाधनों के अभाव के बीच एंड्रॉइड के टॉक बैक फीचर और ऑडियो तकनीक के सहारे अपनी तैयारी की। हालांकि जन्मजात ऑप्टिक नर्व ब्लॉक होने के कारण आंखों की रोशनी न मिलने और इंटरमीडिएट में ब्रेल लिपि की पुस्तकों की कमी जैसे संघर्षों ने उनकी राह रोकनी चाही, लेकिन गगन का संकल्प अडिग रहा। वर्तमान में लंदन की भारी-भरकम फीस उनके सपनों के बीच दीवार बनी हुई है। गगन का लक्ष्य भविष्य में सिविल सेवा में जाकर समाज के वंचित और दिव्यांग वर्ग के लिए काम करना है।