आगरा के कमला नगर स्थित एफ-ब्लाॅक निवासी डाॅ. पीयूष सिंह काफी होनहार थे। उनसे बड़ी सात बहनें व एक छोटा भाई था। बेटे की माैत से पिता महिपाल सिंह के आंसू नहीं रुक रहे हैं। वह एक ही बात कह रहे हैं कि आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। छह महीने में बेटे को इतना परेशान किया गया कि उसको अपनी जान देनी पड़ी। युवती की वजह से ही नाैकरी छोड़कर घर आ गया था। इसके बावजूद अपहरण कर दुष्कर्म के केस में फंसाने की धमकी दी जा रही थी। इसके लिए पुलिस से भी झूठी शिकायत की गई। बेटे के साथ कुछ होता, उससे पहले ही उन्होंने पुलिस से शिकायत कर दी थी। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।